मतीके लिखल सुसमाचार 14:19 - मध्य पुरविया थारू19 तकरबाद ओइ लोकसबके घासमे बैठ कैहके आग्या देल्कै आ उ रोटी आ माछ ल्याके स्वरग दिसन ताइकके परमेस्वरके धन्यबाद देल्कै, तकरबाद रोटी खाइरके चेलासबके देल्कै आ चेलासब ओइ लोकसबके परैस देल्कै। Viz kapitola |