8 ठीक ओही तरहेँ ई सभ जे अहाँ सभक समूह मे आयल अछि, से सभ अपन सपना सभ सँ प्रेरणा पाबि कऽ अपना शरीर केँ अशुद्ध करैत अछि, किनको अधीन मे नहि रहैत अछि आ स्वर्गिक प्राणी सभक निन्दा करैत अछि।