10 मुदा ई लोक सभ जाहि बात सभ केँ नहि बुझैत अछि, तकर विरोध मे बजैत अछि। अविवेकी जानबर सभ जकाँ ई सभ एतबे बुझैत अछि जे शरीर मे कोन बातक लेल इच्छा भऽ रहल अछि, आ सैह बात सभ एकरा सभ केँ नष्ट करतैक।