18 ओ अपना सभ केँ सत्य वचन द्वारा नव जन्म देबाक निर्णय कयलनि, जाहि सँ हुनकर समस्त सृष्टि मे अपना सभ हुनकर सभ सँ श्रेष्ठ रचना होइयनि।