21 पहिने अहूँ सभ परमेश्वर सँ दूर छलहुँ। अहाँ सभ अपन अधलाह विचार-व्यवहारक कारणेँ अपना मोन मे परमेश्वर सँ शत्रुता कयने छलहुँ।