12 आ आनन्दपूर्बक ओहि पिता केँ धन्यवाद दैत रही जे अहाँ सभ केँ इजोतक राज्य मे रहऽ वला हुनकर लोकक उत्तराधिकार मे सहभागी होयबा जोगरक बनौने छथि।