6 ओ सभ एतुका मण्डली केँ अहाँक प्रेमक बारे मे कहि देने छथि। जँ अहाँ हुनका सभक आगाँ वला यात्राक एहन प्रबन्ध कऽ दियनि जे परमेश्वर चाहितथि, तँ से बहुत बढ़ियाँ रहत,