6 तेँ हम अहाँ केँ मोन पाड़ैत छी जे ओहि वरदान केँ क्रियाशील करू, जे परमेश्वर अहाँ केँ ताहि समय मे देलनि जखन अहाँ पर हम अपन हाथ रखलहुँ।