4 हमरा जखन अहाँक आँखिक नोर स्मरण होइत अछि, तँ हमरा बड्ड इच्छा होइत अछि जे अहाँ सँ फेर भेँट करी आ भेँट कऽ कऽ बड़का आनन्द प्राप्त करी।