12 किएक तँ एहि तरहेँ अपना सभक परमेश्वर आ प्रभु यीशु मसीहक कृपाक कारणेँ अहाँ सभ द्वारा अपना सभक प्रभु यीशु केँ आदर-प्रशंसा प्राप्त होयतनि, आ हुनका द्वारा अहाँ सभ केँ आदर-प्रशंसा प्राप्त होयत।