17 कारण, ओ परमेश्वर पिता सँ सम्मान आ महिमा पौलनि जखन परमेश्वरक दिस सँ ई आवाज सुनाइ देलकनि जे, “ई हमर प्रिय पुत्र छथि, हिनका सँ हम अति प्रसन्न छी।”