13 हम जाबत धरि एहि शरीर रूपी डेरा मे छी, ताबत धरि एहि बात सभक स्मरण दिआ कऽ अहाँ सभ केँ उत्साहित करैत रही, से हम अपन कर्तव्य बुझैत छी,