5 किएक तँ जाहि तरहेँ मसीहक कष्ट प्रशस्त मात्रा मे अपना सभक जीवन मे अबैत रहैत अछि ताहि तरहेँ मसीह द्वारा सान्त्वना सेहो प्रशस्त मात्रा मे अबैत रहैत अछि।