4 ओ अपना सभ केँ सभ प्रकारक दुःख-तकलीफ मे सान्त्वना दैत छथि जाहि सँ अपनो सभ परमेश्वर सँ प्राप्त एहि सान्त्वना द्वारा सभ प्रकारक दुःख मे पड़ल लोक सभ केँ सान्त्वना दऽ सकिऐक।