एफिसी 2:3 - केवट नया कारार3 अपनासब सभेको भी ओकरेसिके जुगुर पापी स्वभावके इच्छाके मुताबिक व्यवहार कर्ते रहियै। आपनसिके खराब इच्छासब आर विचारसब जे भी अपनासिसे करवाबैले चहते रहै, अपनासब ओकरे अनुसरण कर्ते रहियै। दोसर आदमीसिके जुगुर अपनासब भी स्वभाविक रुपसे खराब रहियै आर परमेश्वरके सजायके अधिनमे रहियै। Viz kapitola |