रोमियो 7:5 - कुल्वी5 किबैकि ज़ैबै आसै आपणै पापा रै स्वभाव न ती, ता पाप केरनै री इच्छा ज़ुण मूसै री बिधान रै ज़रियै धिनी ती, मौऊती रा फ़ौल़ पैदा केरनै री तैंईंयैं आसरै शरीरा रै औंगा न कोम केरा ती। Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान5 ज़धू हाम्हैं आपणीं बूरी सोठे साबै काम करा तै और ज़धू हाम्हैं बधान मना तै, हाम्हैं च़ाहा तै होर बी खास्सअ पाप करनअ। हाम्हैं की सह बूराई ज़ेता करै हाम्हैं परमेशरा का सदा लै दूर हुऐ तै। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम5 किबेकि जेबा हामा शरीरा में थी, तेबा पापा री ईच्छा व्यवस्था संघे, मउती रे फला पैद करने री तणी सह हमारे शरीरा में काम करे। Viz kapitola |