रोमियो 12:2 - कुल्वी2 होर ऐई दुनिया रै लोका सांही मता बणदै, पर तेसरी बुद्धि रै नोंऊँऐं होंणै री बजहा न तुसरा चाल-चलन भी बदलुआ लोड़ी, ज़ुणी बजहा न तुसा परमेश्वरै री भली होर शोभली होर सिद्ध इच्छा न पता लांदै रौहा। Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान2 एऊ संसारे लोगा ज़िहै निं बणां; थारै मना बदल़णैं संघै लोल़ी थारअ च़ाल च़लण इहअ ठीक हुअ ज़िहअ परमेशर च़ाहा। ताकि तम्हैं इहै काम करे ज़ुंण परमेशरा शोभा और ज़ुंण भलै और सिध्द आसा। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम2 एउ संसारा रे सदृश नांई बणे; पर थारे मना रे नउये हुणे का थारा चाल-चलन भी बदलू लोड़ी थी जासु का तमे परमेश्वर री भली होर भाऊण आली होर सिद्ध इच्छा का मालूम करदे रहे। Viz kapitola |