रोमियो 11:34 - कुल्वी34 “प्रभु रा विचार कुणिऐ ज़ाणू सा? या कुण तेइरा सलाहकार बणु? Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान34 प्रभूए बुधि और सोठ निं कोहै समझ़ी सकदअ और तेऊ लै निं कोहै सलाह दैई सकअ! (आयूब 15:8; यिर्मयाह 23:18) Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम34 जेहड़ा की धर्मग्र्न्ता में बोलु दा साहा, “प्रभु रे मना कूहण जाणा? तेऊरअ सहायक कुण होऊ? Viz kapitola |