रोमियो 1:31 - कुल्वी31 निर्बुद्धि, बशाह चोड़नू आल़ै, झ़ुरी होर दया री कमी सा, होर निर्दयी हुऐ। Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान31 नांसमझ़, छ़ल़-कपट करनै आल़ै, झ़ूरी और झींण निं तिन्नां दी आथी और तिंयां आसा नर्दैई। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम31 निर्बुद्धि, बुशाहघाती, रोषा आले होर निर्दई होई। Viz kapitola |