रोमियो 1:11 - कुल्वी11 तैबै हांऊँ तुसा सैंघै मिलणै री इच्छा रखा सा, कि हांऊँ तुसाबै कोई आत्मिक आशीष देनु ज़ुणिबै पाईआ तुसै बशाह न स्थिर रौहा। Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान11 किल्हैकि मेरअ दिल आसा तम्हां सेटा एछणा लै चाछल़दअ लागअ द, कि हुंह तम्हां लै आत्मिक बरदान दैई सकूं ताकि तम्हैं परमेशरे झींण और विश्वासा दी मज़बूत होए। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम11 किबेकि हाऊं ताहका मिलणे री इच्छा डांहदा कि हाऊं ताहवै कैह आत्मिक वरदान दे जासु का तमे पाके रहे; Viz kapitola |