प्रकाशितवाक्य 7:14 - कुल्वी14 मैं तेइबै बोलू, “हे मालक, तूहै जाँणा सा।” तेइयै मुँभै बोलू, “ऐ ते सी ज़ो तेई बड़ै दु:खा न निकल़िया आऐ सी। इन्हैं आपणै-आपणै झिकड़ै मेमणै रै लोहू न धोइया शेतै केरै सी; Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान14 मंऐं दैनअ तेऊ लै ज़बाब, “हे मालक, ताखा ई हणअ एतो थोघ।” तेऊ बोलअ मुल्है इहअ, “ईंयां आसा तिंयां, ज़ुंण घोर खरी का आसा राज़ी राम्बल़ै निखल़ी आऐ दै, इनै किऐ आपणैं-आपणैं झिकल़ै मिम्मूंए लोहू करै धोई शेतै। (प्रगट की दी गल्ला 22:14) Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम14 मांई तेऊबै बोलू, हे मालक तूह जाणा, तेऊये महा बे बोलू याहा त्याह साहा जोह तेऊ बडे कलेशा का निखली करे आयदे साहा। याह आपणे-आपणे झिकड़े मेमने रे लोहू संघे धोई करे शेते करी दे साहा। Viz kapitola |