प्रकाशितवाक्य 6:3 - कुल्वी3 ज़ैबै मेमणै दुज़ी मोहर खोली ता मैं दुज़ा प्राणी ऐण्ढा बोलदा शुणू कि, “एज़।” Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान3 ज़ांऊं मिम्मूं दुजी मोहर खोल्ही, ता मंऐं शूणअ दुजअ प्राणीं इहअ बोलदअ, “एछ!” Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम3 होर जेबा तेऊए दूजी मोहर खोली, तेबा मांई एक होर प्राणी यह बोलदा शुणु, “ईछ।” Viz kapitola |