प्रकाशितवाक्य 22:11 - कुल्वी11 ज़ो अन्याय केरा सा सौ अन्याय केरदा रौहला होर ज़ो मलीन सा सौ मलीन बणी रौहला, ज़ो धर्मी सा सौ धर्मी बणी रौहला होर ज़ो पवित्र सा सौ पवित्र बणी रौहला।” Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान11 ज़ुंण बूरी और छ़ोतली गल्ला करा तिन्नां लागे बूरी छ़ोतली गल्ला करदै। तिहअ ई ज़ुंण बी भली और पबित्र गल्ला करा तिन्नां दैऐ भली और पबित्र गल्ला कबल्ली करनै।” Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम11 जोह बुराई करा, सह अन्याय ही करदअ रहे; होर जो मलिन बणी रहे ; सह मलिन बणी रहे ; होर जोह धर्मी बणी रहे; सह जोह पवित्र आसा, सह पवित्र बणी रहे। Viz kapitola |