प्रकाशितवाक्य 2:21 - कुल्वी21 मैं तेसा बै मन बदलनै रा मौका धिना, पर सौ आपणै व्यभिचारा न मन बदलणा नी च़ाँहदी। Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान21 “मंऐं दैनअ तेसा लै मना फरेऊंणा लै बी मोक्कअ, पर सह निं आपणैं कंज़रैई का मन फरेऊणअ च़ाहंदी। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम21 मांई तेसा वै मना बदलण बे मोका दीना, पर सह ब्यभिचारा का मन नांई बदलणा चाहन्दी। Viz kapitola |