प्रकाशितवाक्य 16:1 - कुल्वी1 तेथा न बाद मैं मन्दिरा न कोई ज़ोरा सैंघै तिन्हां सौत स्वर्गदूता बै ऐ बोलदै शुणू, “ज़ात् होर परमेश्वरै रै प्रकोपै रै सौत कटोरै बै धौरती पैंधै पेरा।” Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान1 तेखअ शूणअ मंऐं मांदरै पबित्र ज़ैगा का कुंण ज़ोरै तिन्नां साता स्वर्ग दूता का इहअ बोलदअ, “डेओआ, परमेशरे प्रकोपे तिन्नां साता लोहदी तरैल़ा पृथूई दी।” Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम1 तेऊकी मांई मन्दिरा का कासु ज़ोरे संघे त्याह साता स्वर्ग का स्वर्गदूता वै यह बोल्दअ शुणु, नाश परमेश्वरा रे प्रकोपा वै सात कटोरे धरती पेन्दे पेरी देये। Viz kapitola |