प्रकाशितवाक्य 15:1 - कुल्वी1 फिरी मैं सर्गा न एक होर बड़ा होर नौखा नशाण हेरू मतलब, सौत स्वर्गदूत ज़ुणी हागै आखरी सौत विपदा ती, किबैकि तिन्हरै होंणै न बाद परमेश्वरा रै प्रकोपा रा अंत सा। Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान1 ज़ांऊं ईंयां गल्ला मुक्की, ता मंऐं भाल़ै सरगै नुआहरै नछ़ैण तेता करै हाथुअ मुंह प्राच। मंऐं भाल़ै सात स्वर्ग दूत और तिन्नां का आसा ती साता रंगे खरी। तिंयां खरी ती खिरी हणैं आल़ी और तेता बाद हणअ त परमेशरो प्रकोप खतम। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम1 तेऊकी मांई स्वर्गा का एक बडअ होर चिन्ह हेरू, मतलब सात स्वर्गदूत जासु सेटा सात अन्तिम मुशिकला थी, किबेकि त्याहरे हुणे बाद परमेश्वरा री शक्ति रा अन्त थी। Viz kapitola |