प्रकाशितवाक्य 12:11 - कुल्वी11 होर ते मेमणै रै लोहू री बजहा न, आपणी गुआही रै वचना री बजहा, तेई पैंधै जयवन्त हुऐ होर तिन्हैं आपणै प्राण प्यारे नी ज़ाणै, औखै तैंईंयैं कि तिन्हैं मौऊत भी सौही। Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान11 “तिंयां ज़ितै राख्सा का मिम्मूंए लोहूए शगती करै ज़ुंण हाम्हां पापा का बच़ाऊंणे तैणीं बल़ीदान हुअ, और तिन्नैं हारअ सह राख्स, मिम्मूं सेटा प्राशत करी और इहअ मनी कि सह मिम्मूं आसा तिन्नों प्रभू। “तिन्नैं निं आपणीं ज़िन्दगी लै बी झ़ूरी की, और तिंयां निं मौता का बी डरै। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम11 होर त्याह मेमने रे लोहू री बजा कअ होर आपणे गुआही रे बचना री बजा का, तेऊ पेन्दे जीत, पाई, किबेकी त्याह आपणे प्राण प्यारे नांई जाणी, अखे तणी की त्याह मउत भी सहन करी। Viz kapitola |