प्रकाशितवाक्य 11:4 - कुल्वी4 ऐ सौऐ “जैतूनै रै दुई बूटै होर दुई दीवट सी ज़ो धौरती रै प्रभु सामनै खड़ै रौहा सी।” Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान4 ईंयां आसा दूई गवाही, ईंयां आसा तिंयां ई जैतूने बूट और दूई सदीऐ ज़ुंण पृथूईए प्रभू सम्हनै खल़ै रहा। (जकर्याह 4:3) Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम4 याह त्याह ही जैतूना रे दुई बूटे होर दीबट साहा, जोह धरती होर प्रभु रे सामने खडे रहंदा थी। Viz kapitola |