मरकुस 4:32 - कुल्वी32 पर ज़ैबै बेज़ा बाहिया, उगा सा ता सैभी सागपाता न बड़ा होआ सा होर तेथै री शांणी ऐतरी बड़ी होआ सी कि सर्गा न उड़नू आल़ै च़िड़ू तेथा पैंधै रौही सका सी।” Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान32 सह आसा ता पृथूईए सोभी बेज़ै का होछ़अ, पर ज़ेभै तेऊ बऊआ, ता सह हआ सोभी शाग-पाचा का बडअ। ज़ांऊं तेते शाण्हीं बडी हआ; ता सरगे डैऊणै आल़ै च़ेल्लू पखीरू बी सका तेते छ़ैल्ली दी बसेरअ करी।” Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम32 पर जेबा बऊ, तेबा सभी बूटे का बड़अ हुंदा, होर तेताका एडी बड़ी डाली निखला सरगा रे चेलू भी तेऊरी छाईंटा में बसेरा करी सका। Viz kapitola |