मरकुस 4:20 - कुल्वी20 होर शोभली ज़मीना रा बेज़ा सौ सा, ज़ुणा वचना बै शुणिया ग्रहण केरा सी होर फ़ौल़ा सी, कोई तीह गुणा, कोई शौठ गुणा, कोई शौऊ गुणा।” Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान20 “ज़ुंण बेज़अ रज़दी-पज़दी ज़िम्मीं दी पल़अ अह आसा तिन्नां लोगे बारै ज़ुंणी परमेशरो बैण शूणअ, मनअ और विश्वास किअ। तिन्नैं किअ तिहअ ई ज़िहअ परमेशर च़ाहा कि तिंयां करे। तिंयां आसा एही बधिया फसला ज़िहै ज़ेथ तिह गुणा, शाठ गुणा ता कोई दी शौ गुणा फसल हुई।” Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम20 जोह रांबडी जमीना बे बऊ, यह त्याह साहा दे, जोह वचन शुणा, मना होर फल आणदा; कोई तिह गूणा, कोई शाठ गूणा, होर कोई शअ गूणा। Viz kapitola |