मत्ती 6:31 - कुल्वी31 “तुसै चिन्ता केरिया ऐ मता बोलदै, ‘कि आसा कि खाँणा, कि पीणा होर कि लाणा?’ Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान31 “इहअ करै तम्हैं इहअ फिकर निं करी और नां इहअ बोली कि हाम्हां किज़ै खाणअ-पिणअ और बान्हणां लै किज़ै हणअ? Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम31 एतकी तणी तमें चिन्ता करी करे नांई बोले कि हामा कैह खाणा, या कैह झूटणा, या कैह बाहंनणा। Viz kapitola |