मत्ती 6:2 - कुल्वी2 “ज़ैबै तू दान केरला, ता आपणै नाँ रा ढिंढोरा हेरी पिटदा, ज़ैण्ढा कपटी लोका आराधनालय होर गली न केरा सी ताकि लोका तिन्हरी सराउथी केरलै। हांऊँ तुसाबै सच़ बोला सा तिन्हैं आपणा ईनाम पाऊ सा। Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान2 “तैहीता, ज़ै तूह गरीबा लै दान करे, सह निं सोभी का लागदअ खोज़णअ कि मंऐं किज़ै दैनअ। ज़िहअ कपटी लोग आराधना सभा दी और बागै काढा रहैऊंणा लै। ताकि लोग तिन्नां भाल़ी बड़ाई करे। “हुंह खोज़ा तम्हां का सत्त कि तिन्नां गअ तेतो फल भेटी। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम2 एतकी तणी जेबा तूह दान करे, तेबा, बड़ा दिखाबा नाँई करे जेड़े कपटी, प्रार्थना घरा होर गली में तुरही बाजी करे करा, कि लोका त्यारी बड़ाई करे। हाऊं तमाबे सच बोला कि त्याहे आपणा ईनाम पाई छेकू Viz kapitola |