मत्ती 6:1 - कुल्वी1 “होशियार रौहा! तुसै होरी बै रिहाणै री तैंईंयैं धर्मै रै कोम मता केरदै, नी ता तुसै आपणै स्वर्गीय परमेश्वरा न किछ़ भी ईनाम नैंई पाणा। Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान1 “एसा गल्लो डाहै धैन कि तम्हैं लोगा का रहैऊंणै तैणीं निं लागी धर्में काम करदै। नांईं ता तम्हां निं तेतो स्वर्गे बाप्पू परमेशरा का कोई फल भेटणअ। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम1 साबधान रहा! तमे मणशा बे रिहाऊणे बे आपणे धार्मिकता रे काम नांई करा, नांई तअ आपणे स्वर्गीय बापू का किछे भी फल नांई पाऊणां Viz kapitola |