मत्ती 5:4 - कुल्वी4 धन्य सी ते, ज़ुणा शोक केरा सी; किबैकि तिन्हां बै शान्ति मिलणी। Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान4 परमेशर हआ तिन्नां लै खुश ज़ुंण शोग करा, तिन्नां लै भेटणीं शांती। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम4 धन्य त्याह साहा, जोह शोक करा, किबेकी त्याह शांति पाऊणी। Viz kapitola |