मत्ती 4:15 - कुल्वी15 “ज़बूलून होर नपताली रै इलाकै, समुन्द्रा री बौता न यरदना नौई हागै होरी ज़ाति रा गलील, Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान15 “ज़बलून और नप्तालीए लाक्कै, समुंदरे बाढै, जरदण नदी नेल़, गलील लाक्कै, होरी ज़ातीए लोग; Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम15 ज़बूलून होर नप्ताली गोत्रा रै कब्जे आले इलाके, झीला री बाता का यरदना नइ रै पार बसी दे आसा। याहा गलील प्रदेशा रे एडे इलाके आसा जखे कई अन्यजाति लोका रहंदा, Viz kapitola |