मत्ती 28:14 - कुल्वी14 अगर तुसरी ऐ गैल राज़पाला हागै पुजा सा ता आसा सौ समझ़ाणा होर तुसाबै किछ़ नी होंणै देणा।” Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान14 ज़ै थारी अह गल्ल कि तम्हैं आसा तै राची सुत्तै दै पिलातुस मुखिये कानै पुजे, ता तेऊ समझ़ाऊंमै हाम्हैं और तम्हैं बच़ाऊंणै हाम्हां तेऊ खातरै का।” Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम14 होर अगर यह गल राज्यपाला रे कणेट पुजली, तेबा हामे तेऊ समझाउले होर तमा, मुशिकिला का बचाउले। Viz kapitola |