मत्ती 27:51 - कुल्वी51 होर शुणा मन्दिरा रा पर्दा ऊझै न लेइया बुनै ढौई तैंईंयैं च़िरूआ होर तेथै रै दुई टुकड़ै हुऐ होर धौरती न ज़ौज़री हुई। Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान51 तै हेरा, परमेशरे मांदरै लाअ द परदअ धेल़्हुअ प्रैंदा का थाल्लै तैणीं दूई बाखा लै और सारी पृथूई हुई ज़ाज़री और भिल़ी दी लागै पात्थर चटकारदै। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम51 होर हेरा, देहुरे रा परदा उपरा का जील तणी दुई टुकड़े होई, होर धरती डोली होर चटाना टकराई, Viz kapitola |