मत्ती 25:45 - कुल्वी45 “तैबै मूँ तिन्हां बै ज़वाब देणा, हांऊँ तुसाबै सच़ बोला सा, तुसै बशाह केरनु आल़ै मौंझ़ै होछ़ै न होछ़ै विश्वासी भाई सैंघै ज़ो नी केरू सौ मूँ सैंघै भी नी केरू। Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान45 “तेभै दैणअ मुंह तिन्नां लै ज़बाब, ‘हुंह खोज़ा तम्हां का सत्त कि ज़ुंण तम्हैं मेरै इना होछ़ै का होछ़ै बैहणी और विश्वासी भाईए मज़त करना लै हुधूऐ, तिंयां हुधूऐ तम्हैं मुल्है!’ Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम45 तेबा तेऊ तयाबे उतर दींणा, हाऊं तमाबे सच बोला कि तमे जोह याह होछे का होछे मेंज़ा का कासु एकु संघे नांई करू, सह मांई संघे भी नांई करू। Viz kapitola |