मत्ती 24:12 - कुल्वी12 होर पाप बढ़नै री बजहा न बोहू सारै लोकै री झ़ुरी कम होंणी। Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान12 ज़ांऊं पाप बढणअ ता कई लोगा परमेशरे गल्ला मनणी और कई लोगे निं एकी दुजै संघै निं झ़ूरी रहणीं। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम12 अधर्मा रे बडने का बहू रा प्रेम ठाण्डा पडणा, Viz kapitola |