मत्ती 23:27 - कुल्वी27 ओ कपटी शास्त्री होर फरीसी लोको, हाय सा! तुसा पैंधै, तुसै चुनै लेसुईदी कब्रा सांही सी ज़ो बाहरै न ता साफ हेरिया सी पर भीतरै मुर्दै रै हाड़कै होर गन्दगियै लाइया भौरुइदी सी। Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान27 “हे कपटी शास्त्री और फरीसी लोगो, तम्हां लै एछणी बडी भारी खरी! तम्हैं आसा मुल्दै दाबी दी घोरी ज़िहै, बागा का शुझिआ तिंयां सज़ी-सज़ाऊई दी पर भितरा का हआ तेथ बास्स शल़ैन्ह। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम27 हे कपटी शास्त्रीयो होर फरीसीयो तमा पैंदे हाय! तमे अशुद्ध कब्रा रे बराबर साहा जोह पैंदा का भी शोभली हेरा, पर मितरा मुडदे रै हाडके होर सभी तरहा री मलिनता का भरी दे साहा। Viz kapitola |