मत्ती 23:17 - कुल्वी17 ओ मूर्ख, होर कांणै लोको! बड़ा कुण सा, सुना या मन्दिर ज़ुणिन कि सौ सुना च़ोखा होआ सा? Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान17 ऐडै और कांणै मणछो, बडअ कुंण आसा! सुंन्नअ कि सह मांदर ज़हा करै सुंन्नअ पबित्र हआ? Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम17 हे मूर्खो होर काणेयों, कुंण बडअ साहा; सुना या सह देहुरे जासू में सुना पवित्र हुंदा? Viz kapitola |