मत्ती 16:11 - कुल्वी11 तुसै किबै नी समझ़दै कि मैं तुसाबै रोटी रै बारै न नी बोलू? मैं ता तुसाबै फरीसी होर सदूकी लोकै रै खमीरा न बच़णै बै बोलू।” Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान11 “तम्हैं किल्है निं समझ़ै कि मंऐं निं तम्हां लै रोटीए बारै कधि बोलअ आथी! फरीसी और सदुकी पंथे लोगे सज़ेल़ै का रहै दूर।” Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम11 तमे किबे नांई समझदे कि मांई तमाबे रोटी रै वारे में नांई बोलू, पर यह कि तमे फरीसी होर सदूकि रे मलेड़े का बची करे रहे। Viz kapitola |