मत्ती 13:54 - कुल्वी54 होर आपणै नासरत नगरा बै वापस आऊ। तैबै तेइयै यहूदी री आराधनालय न उपदेश देणा शुरू केरू। तैबै हर कोई हैरान होईया बोलदा लागा, “ऐईबै ऐण्ढी बुद्धि री गैला कौखै न मिली होर ऐण्ढी चमत्कारी शक्ति कौखै न मिली? Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान54 तिधी पुजी करै लागअ तिन्नें आराधना सभा दी एही शिक्षा दैंदअ कि तिंयां हुऐ रहैन संघा लागै तिंयां इहअ बोलदै, “एऊ ईंयां ज्ञैन और शगतीए काम किधा का भेटै?” Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम54 होर आपणे नगरा में इच्छी करे त्याह प्रार्थना घरा में एडे उपदेशा दींदअ, लगअ कि त्याह परेशान होई करे वोलदे लागे, एउ या ज्ञान होर सामर्थ्य रे काम कंधा का भेटे? Viz kapitola |