मत्ती 11:6 - कुल्वी6 धन्य सी तै, ज़ुणा मूँ पैंधै हमेशा बशाह केरा सी।” Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान6 परमेशरा दैणीं तेऊ लै बर्गत ज़ुंण मेरै काम भाल़ी और शिक्षा शूणीं मुंह दी भरोस्सअ करा और बैहम निं करे।” Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम6 होर धन्य साहा सह, जोह मेरी बजा का ठोकर ना खाए। Viz kapitola |