मत्ती 11:30 - कुल्वी30 किबैकि ज़ो जुगड़ा हांऊँ तुसाबै देंदा लागा सा सौ नरम सा होर ज़ो बोझ़ हांऊँ तुसा पैंधै पाँदा लगा सा सौ हल्का सा।” Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान30 किल्हैकि मेरअ जूँ आसा सान और मेरअ बोझ़अ आसा हल़कअ।” Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम30 किबेकि मेरा जूआं आसान आसा होर मेरा बोझ हलका साहा। Viz kapitola |