मत्ती 10:28 - कुल्वी28 ज़ो देही रा नाश केरा सी, पर आत्मा रा नी, तिन्हां न मता डौरदै पर तेईन डौरा ज़ुण आत्मा होर देह दुही बै नरका न नाश केरी सका सा। Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान28 “तम्हैं निं तिन्नां का डरी आथी ज़ुंण थारी देही च़ाहा मारनअ, तिंयां निं थारी आत्मां मारी सकदै। पर डरनअ सिधअ तेऊ परमेशरा का ज़ुंण आत्मां और देही दुही सका नरकै बरैबाद करी। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम28 जोह शरीरा बे घात करा, पर आत्मा बे घात नांई करी सकते, त्याका नांई डरा, पर तेऊका ही डरा जोह प्राण होर शरीरा दुही नरका में नष्ट करी सका। Viz kapitola |