लुका 18:30 - कुल्वी30 अगर कोई ऐण्ढा केरा सा ता सौ ऐसा ज़िन्दगी न कई गुणा ज़ादा आशीष पाआ सा होर ऐणु आल़ै बौगता न तिन्हां बै हमेशा री ज़िन्दगी मिलणी। Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान30 तिन्नां भेटणअ एसा ज़िन्दगी दी तेता का बी खास्सअ फल ज़ुंण तिन्नां का पिछ़ू छ़ुटअ और आजू एछणैं आल़ै जुगै भेटणीं सदा रहणैं आल़ी ज़िन्दगी।” Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम30 पर एडा साहा की त्याहे एउ वक्ते त्याह किछे नांई पाउणा, पर हीहणे आले वक्ते अनन्त जीबन पाऊणा। Viz kapitola |