लुका 18:11 - कुल्वी11 सौ फरीसी लोक दूर खड़ै होईया ऐण्ढी प्रार्थना केरदा लागा, ‘ओ परमेश्वर, हांऊँ तेरा धन्यवाद केरा सा, कि हांऊँ होरी सांही नी ऑथि, न हांऊँ कौसी बै धोखा देंदा, न हांऊँ व्यभिचारी ऑथि होर न हांऊँ ऐई च़ुँगी लेणू आऐ सांही ऑथि। Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान11 फरीसी लागअ खल़अ उझ़ुई करै आपणैं मनें एही प्राथणां करदअ, ‘हे परमेशर, हुंह करा तेरअ शूकर कि हुंह निं इना होरी मणछा ज़िहअ बूरअ आथी, नां इना च़ोरी और घात करनै आल़अ आथी, नां हुंह इना कंज़रै लोगा ज़िहअ आथी। नां हुंह एऊ कारै गराहणै आल़अ आथी ज़ुंण लोगा का च़लाकी करै लुटा। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम11 फरीसी खड़े होई करे प्रार्थना करदअ लागअ, तेऊये बोलू हे परमेश्वर, हाऊं तेरा धन्यावाद करा कि हाऊं होरी जेहड चुंगी होर व्यभिचारी नांई आंधअ, होर एउ चुगी निण आल़अ जेहअ अधर्मी नांई आंधअ। Viz kapitola |