लुका 12:50 - कुल्वी50 मुँभै ता हाज़ी बोहू दुःख सौहणा पौड़ना। हांऊँ बड़ा परेशान सा, ज़ाँ ढौई मेरा दुःख खत्म नी होला तैबै तक मूँ परेशान रौहणा। Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान50 मुंह आसा आजू एक घोर दाह-दुखे डुबकी लणा लै। ज़ेभै तैणीं सह पूरअ निं हुअ तेभै तैणीं आसा मुल्है खास्सअ बोझ़। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम50 महा एक बपतिस्मा लउणा, होर जेबरे तक सह नांई होला तेबरे तक महा केहड़े रहंणा। Viz kapitola |