लुका 11:33 - कुल्वी33 “कोई भी मांहणु दिऊऐ भकेईया गुप्त ज़ैगा न नी रखदा होर न भाँडै लाइया खौटदा। बल्कि तेइबै उथड़ी ज़ैगा पैंधै रखा सी ताकि ज़ुणा भीतरै ऐलै तिन्हरी तैंईंयैं प्याशा होला। Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान33 “लोग निं लाटू ज़ाल़ी करै पाटल़ै हेठै दाबी डाहंदै तेता डाहा उछ़टै दी ताकि सारै घरै प्रैशअ होए। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम33 कोहे भी सजीये ज़ाल़ी करे टोकरी थाहीं नांई डाहदे, पर दीवटा पैंदे डाहदा की मितर इहणे आले वै प्रियाषा पाए। Viz kapitola |